इसी ग्रंथ पर पूरा पाठ्यक्रम टिका है। फलित ज्योतिष का सबसे आधारभूत और सर्वमान्य ग्रंथ — जो नियम यहाँ मिलता है, बाद के सभी ग्रंथ उसी का विस्तार करते हैं। नए विद्यार्थी को शुरुआत हमेशा यहीं से करनी चाहिए, क्योंकि बाकी सब इसी नींव पर खड़ा है।