ज्योतिष शिक्षा

पाठ्यक्रम के आधार ग्रंथ

यह पाठ्यक्रम किन शास्त्रों से निकला है, कौन-सा ग्रंथ किस स्तर पर पढ़ाया जाता है, और उसे पढ़ने का सही क्रम क्या है।

1

बृहत् पराशर होरा शास्त्र Brihat Parashara Hora Shastra

कुंडली निर्माण, षोडश वर्ग, विंशोत्तरी दशा, समस्त योग
महर्षि पराशर · प्राचीन

स्तर 1
2

बृहत् जातक Brihat Jataka

ग्रहों का स्वभाव, बल, दृष्टि और उनके फल
आचार्य वराहमिहिर · छठी शताब्दी

स्तर 2
3

फलदीपिका Phaladeepika

भाव फल, गोचर, विंशोत्तरी दशा का सूक्ष्म विश्लेषण
मन्त्रेश्वर · तेरहवीं शताब्दी

स्तर 2
4

सारावली Saravali

ग्रह युति, राजयोग, दरिद्र योग
कल्याण वर्मा · आठवीं शताब्दी

स्तर 2
5

जातक पारिजात Jataka Parijata

अष्टकवर्ग, विवाह फलादेश
वैद्यनाथ दीक्षित · पंद्रहवीं शताब्दी

स्तर 3
6

मुहूर्त चिन्तामणि Muhurta Chintamani

विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ के शुभ मुहूर्त
दैवज्ञ राम · सोलहवीं शताब्दी

स्तर 3
7

सूर्य सिद्धांत Surya Siddhanta

ग्रह गति, ग्रहण गणना, पंचांग निर्माण

स्तर 4
8

लघु पाराशरी Laghu Parashari

दशा फल के मूल नियम — बहुत छोटा ग्रंथ

स्तर 2
9

उत्तर कालामृत Uttara Kalamrita

ग्रहों और भावों की कारकत्व सूची
कालिदास

स्तर 1

ये सभी ग्रंथ सार्वजनिक धरोहर हैं और कई प्रकाशकों से उपलब्ध हैं। कक्षा में हम मूल श्लोक और अपनी व्याख्या पढ़ाते हैं — किसी प्रकाशित अनुवाद की नकल नहीं करते।