फलित का उत्कृष्ट ग्रंथ। ग्रहों के स्वभाव और बल को बहुत व्यवस्थित और संक्षिप्त सूत्रों में समझाता है। पराशर के नियमों को कसने और स्पष्ट करने के लिए इसे साथ-साथ पढ़ा जाता है।
Brihat Jataka
ग्रहों का स्वभाव, बल, दृष्टि और उनके फल
फलित का उत्कृष्ट ग्रंथ। ग्रहों के स्वभाव और बल को बहुत व्यवस्थित और संक्षिप्त सूत्रों में समझाता है। पराशर के नियमों को कसने और स्पष्ट करने के लिए इसे साथ-साथ पढ़ा जाता है।
बारह राशियाँ, उनके स्वामी, तत्व और स्वभाव — कुंडली की पहली परत।
बृहत् जातक, अध्याय 1
नौ ग्रहों का स्वभाव, कारकत्व और आपसी मित्रता-शत्रुता।
उत्तर कालामृत; बृहत् जातक अध्याय 2
एक ही ग्रह कहीं बलवान और कहीं निर्बल क्यों होता है।
बृहत् जातक, अध्याय 2; सारावली