ज्योतिष शिक्षा

चार स्तर, छत्तीस सप्ताह

शून्य से शुरू करके परामर्श देने योग्य बनने तक।

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ज्योतिष प्रवेशिका

शून्य से शुरू करके कुंडली पढ़ना — राशि, ग्रह, भाव, नक्षत्र, कुंडली निर्माण और ग्रह बल। आठ मॉड्यूल, बत्तीस लेसन, हर मॉड्यूल किसी न किसी शास्त्र से जुड़ा हुआ।

32 लेसन
2

फलादेश आधार

स्तर 1 की नींव पर पूरी कुंडली पढ़ना — भावेश, दृष्टि, युति, योग, विंशोत्तरी दशा, गोचर और अष्टकवर्ग। बारह मॉड्यूल, अड़तालीस लेसन। यहीं से आप पहली बार पूरी कुंडली का फलादेश कर पाएँगे।

48 लेसन

पाठ्यक्रम का आधार

हर मॉड्यूल किसी न किसी शास्त्र से निकला है — सुनी-सुनाई बात से नहीं।

बृहत् पराशर होरा शास्त्र पूरे पाठ्यक्रम की रीढ़ — कुंडली निर्माण, षोडश वर्ग, दशा और योग
बृहत् जातक ग्रहों का स्वभाव, बल और दृष्टि
फलदीपिका भाव फल और दशा का सूक्ष्म विश्लेषण
सारावली ग्रह युति, राजयोग और अरिष्ट योग
जातक पारिजात अष्टकवर्ग और विवाह फलादेश
मुहूर्त चिन्तामणि शुभ मुहूर्त निकालने की व्यावहारिक पद्धति