शून्य से शुरू करके परामर्श देने योग्य बनने तक।
शून्य से शुरू करके कुंडली पढ़ना — राशि, ग्रह, भाव, नक्षत्र, कुंडली निर्माण और ग्रह बल। आठ मॉड्यूल, बत्तीस लेसन, हर मॉड्यूल किसी न किसी शास्त्र से जुड़ा हुआ।
स्तर 1 की नींव पर पूरी कुंडली पढ़ना — भावेश, दृष्टि, युति, योग, विंशोत्तरी दशा, गोचर और अष्टकवर्ग। बारह मॉड्यूल, अड़तालीस लेसन। यहीं से आप पहली बार पूरी कुंडली का फलादेश कर पाएँगे।
हर मॉड्यूल किसी न किसी शास्त्र से निकला है — सुनी-सुनाई बात से नहीं।